चट्टान की परिभाषा और प्रकार (type of Rocks and their property)

चट्टान की परिभाषा (definition of rocks) :

पृथ्वी के क्रस्ट में मिलने वाले सभी प्रकार के मुलायम व कठोर पदार्थ जो विभिन्न प्रकार के खनिज तत्वों के से बने होते हैं,को चट्टान कहते हैं।

ऐसे तो विभिन्न प्रकार के तत्व मिलकर चट्टानों का निर्माण (formation of rocks) करते है परंतु 8 तत्व मुख्य है जिनसे लगभग 98% भाग चट्टानों का बना होता है। ये तत्व है ऑक्सीजन(47%), सिलिकन(28%), एल्युमिनियम(8%), लोहा(5%), कैल्शियम,सोडियम, पोटेशियम तथा मैग्नीशियम।

यद्यपि क्रस्ट में खनिजो की संख्या हजारो में होती है परंतु मात्र 6 खनिज ही प्रधान रूप से पाए जाते है।ये खनिज है- फेल्सपार, क्वार्ट्ज, पॉयरॉक्सिस, एम्फीबोल्स, अभ्रक तथा ओलीविन है। चट्टान निर्माणकारी खनिज वर्गों में सिलीकेट सर्वप्रमुख है एवं ऑक्साइड तथा कार्बोनेट का स्थान क्रमशः उसके बाद आता है।

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चट्टानों का वर्गीकरण या चट्टानों के प्रकार ( classification of rocks and their property )

उत्पत्ति के आधार पर चट्टानों को निम्न तीन वर्गों में विभाजित करते हैं:-

  1. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks)
  2. ‎अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks)
  3. ‎रूपांतरित चट्टान या कायांतरित चट्टानें या परिवर्तित चट्टानें (Metamorphic Rocks)

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1. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks)

इनको प्राथमिक चट्टाने भी कहते हैं,क्योंकि अन्य चट्टानों का निर्माण सीधे या परोक्ष रूप से आग्नेय चट्टान से ही होता है। इसका निर्माण ज्वालामुखी उद्गगार से निकले मैग्मा और लावा के ठंडे होने और जमने से होता है इसलिए इनको आग्नेय भी कहते हैं।आग्नेय का तात्पर्य यहां ज्वालामुखी उद्गगार से है। इन चट्टानों में परते नहीं पाई जाती है। जीवाश्म( कोयला,पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस) भी नहीं पाए जाते हैं। यह चटाने धात्विक खनिजों से पूर्ण होती हैं उदाहरण लोहा,सोना,चांदी,निकिल,तांबा आदि। यद्यपि रासायनिक अपक्षय इन चट्टानों का कम होता है किंतु भौतिक व यांत्रिक अपक्षय इन चट्टानों का सर्वाधिक होता है। क्रस्ट का लगभग 90% भाग आग्नेय चट्टानों से बना है। इन चट्टानों में क्रिस्टल पाए जाते हैं।

Igneous rock
Igneous rock

स्थिति एवं संरचना के अनुसार आग्नेय चट्टानें दो प्रकार की होती हैं ( type of igneous rock)


(|). अंतर्निर्मित आग्नेय चट्टानें (Intrusive igneous rock)
(||). ‎बाह्य आग्नेय चट्टानें (Extrusive igneous rock)

(|). अंतर्निर्मित आग्नेय चट्टानें (Intrusive igneous rock)


वह आग्नेय चट्टाने जो सतह के नीचे लावा के ठंडे और ठोस होने से निर्मित होती है,अंतर्निर्मित आग्नेय चट्टानें कहलाती है।
इसके दो उपवर्ग है:-

(A) पातालिय चट्टान (Plutonic Rock) :

इसका निर्माण पृथ्वी के अंदर काफी अधिक गहराई पर होता है।इसका नामकरण प्लूटो (यूनानी देवता) के नाम पर किया गया है। जो पाताली देवता माने जाते हैं।अत्यधिक धीमी गति से ठंडा होने के कारण इसके क्रिस्टल बड़े बड़े होते हैं।ग्रेनाइट चट्टान इसका उदाहरण है।

(B) मध्यवर्ती चट्टाने (Hypobyssal Rock) :

ज्वालामुखी उदगार के समय धरातलीय अवरोध के कारण लावा दरारों,छिद्रों एवं नली में ही जमकर ठोस रूप धारण कर लेता है, बाद में अपरदन की क्रिया के उपरांत यह चट्टाने धरातल पर नजर आने लगती है।डोलेराइट,मैग्नेटाइट इन चट्टानों के महत्वपूर्ण उदाहरण है।

(||). ‎बाह्य आग्नेय चट्टानें (Extrusive igneous rock)

वह आग्नेय चट्टानें जिनका निर्माण सतह के ऊपर लावा के ठंडा होने और जमने से होता है, बाह्य आग्नेय चट्टानें कहलाती हैं।इनमें क्रिस्टल बहुत छोटे होते हैं क्योंकि लावा तेजी से जम जाता है। बेसाल्ट इसका अच्छा उदाहरण है। इस चट्टान की क्षरण से ही काली मिट्टी का निर्माण होता है जिसे रेगड़(Regur) कहते हैं।

आग्नेय चट्टान के उदाहरण (example of igneous rock) : ग्रेनाइट,डोलेराइट,मैग्नेटाइट,बेसाल्ट

2. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks)

इन चट्टानों का विस्तार सतह पर सबसे ज्यादा होता है। और इसका निर्माण अवसादों के सतह पर जमा होने से होता है। इस में परते पाई जाती है अतः क्रिस्टल का अभाव होता है। इसमें जीवाश्म पाया जाता है। कोल,पेट्रोलियम, गैस इसी से संबंधित होते हैं। अवसादी चट्टानों में अत्यधिक खनिज पाए जाते हैं और अवसादी चट्टानें मृदा के निर्माण के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

Sedimentary rock
Sedimentary rock

अवसादों का सतह पर जमा होना निम्न तीन प्रक्रियाओं से सम्बंधित है।

A. यांत्रिक प्रक्रिया
B. ‎जैविक प्रक्रिया
C. ‎रासायनिक प्रक्रिया

A. यांत्रिक प्रक्रिया : इस प्रक्रिया में अवसादों का जमाव या निषेपण नदियों,सरिताओं,हिमनदों,पवनो और समुद्री धाराओं और तरंगों से होता है। उदाहरण- बालुका पत्थर( sand stone),चीका मिट्टी(clay),शेल(shal),लोएस(loess)

B. ‎जैविक प्रक्रिया : मृत पौधों और जंतुओं की जैविक पदार्थों के जैविक अपघटन से निक्षेपण होता है। उदाहरण -पिट,कोयला,मूंगे की चट्टाने

C. ‎रासायनिक प्रक्रिया : इन अवसादों का निक्षेपण जलाशयों के तली पर होता है।ये अवसाद जल में घुलिय होते है और समय के साथ जल के तल पर निक्षेपित होते रहते है। उदाहरण- जिप्सम, रॉकसाल्ट

Note: लाइमस्टोन का निक्षेपण दोनों तरह से होता है।जैविक और रासायनिक

निक्षेपण के उपरांत जैसे-जैसे निक्षेप की मात्रा बढ़ती जाती है।निक्षेप पर दबाव बढ़ता जाता है अतः निक्षेप से जल बाहर की तरफ निकलता जाता है एल्युमीनियम, कैल्शियम कार्बोनेट की उपस्थिति में निक्षेपित पदार्थ एक दूसरे से जुड़ते चले जाते हैं और अंततः सेंटर चट्टानों का निर्माण होता चला जाता है।

अवसादी चट्टान के उदाहरण (example of sedimentary rocks) : शैल, चूना पत्थर,बालुका पत्थर,चॉक एवं डोलमाइट,कांग्लोमेरेट

‎3. रूपांतरित चट्टान या कायांतरित चट्टानें या परिवर्तित चट्टानें (Metamorphic Rocks)

इसका निर्माण आग्नेय और अवसादी चट्टानों में ताप और दाब के प्रभाव के कारण होने वाले परिवर्तनों से होता है। इसके प्रभाव में आग्नेय चट्टानों एवं अवसादी चट्टानों के भौतिक और रासायनिक गुण दोनों परिवर्तित हो जाते हैं।

Metamorphic rock
Metamorphic rock

रूपांतरित चट्टान या कायांतरित चट्टानें या परिवर्तित चट्टान के उदाहरण ( example of metamorphosismetamorphic rocks) : स्लेट, फाइलाइट,ग्रेबो

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