भारतीय संविधान की अनुसूचियां schedules of indian constitution

भारतीय संविधान की अनुसूचियां(schedules of indian constitution)

schedule
12 schedule

भारतीय संविधान में कुल 12 अनुसूचियों को स्थान दिया गया हैं जो निम्न प्रकार हैं :-
List of indian constitution schedules

1. प्रथम अनुसूची (1st schedule):- इसमें भारतीय संघ के 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों का उल्लेख मिलता है।
  – संविधान के 69वें संशोधन द्वारा दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दर्जा दिया गया।
  – 2 जून 2014 को एक नए राज्य तेलंगाना को मान्यता दी गई जिसे आंध्र प्रदेश से अलग कर बनाया गया है।
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2. द्वितीय अनुसूची (2nd schedule) :- इसमें भारतीय राजव्यवस्था के विभिन्न  पदाधिकारियों के वेतन,भत्ते और पेंशन आदि का उल्लेख किया गया है।

3. तृतीय अनुसूची (3rd schedule):- इसमें भारतीय राज्यव्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारीयो द्वारा पद ग्रहण के समय ली जाने वाली शपथ का उल्लेख किया गया है।

4. चौथी अनुसूची (4th schedule):- इसमें विभिन्न राज्यों तथा संघीय क्षेत्रों की राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का उल्लेख किया गया है।

5. पांचवी अनुसूची (5th schedule):- इसमें अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उल्लेख किया गया है।

6. छठी अनुसूची (6th schedule):- इसमें असम,मेघालय,त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में उल्लेख किया गया है।

7. सातवीं अनुसूची (7th schedule):- इसमें केंद्र व राज्यों के बीच तीन सूचियों द्वारा शक्तियों के बंटवारे के बारे में उल्लेख किया गया है।संघ सूची राज्य सूची एवं समवर्ती सूची
– संघ सूची :- इस सूची में दिए गए विषयों पर केवल केंद्र सरकार कानून बना सकती हैं। संविधान के लागू होने के समय इसमें 97 विषय थे परंतु वर्तमान में इसमें 100 विषय हैं।
– ‎ राज्य सूची :- इस सूची में दिए गए विषयो पर राज्य सरकार कानून बना सकती हैं परंतु यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि राष्ट्रीय हित से संबंधित होने पर केंद्र सरकार भी इन विषयों पर कानून बना सकती हैं। संविधान के लागू होने के समय इसमें 66 विषय थे परंतु वर्तमान में 61 विषय हैं।
– ‎ समवर्ती सूची :- इसमें आने वाले विषयों पर केंद्र और राज्य दोनों सरकारे कानून बना सकती हैं परंतु ऐसा देखा गया है कि समान विषय पर कानून बनाने पर राज्य सरकार द्वारा बनाया गया कानून केंद्र सरकार के कानून बनाने के साथ ही समाप्त हो जाता है।संविधान के लागू होने के समय समवर्ती सूची में 47 विषय थे परंतु वर्तमान में इसमें 52 विषय हैं।समवर्ती सूची का प्रावधान जम्मू कश्मीर राज्य के संबंध में नहीं है।

8.‎ आठवीं अनुसूची (8th schedule):- इसमें भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं का उल्लेख किया गया है।मूल रूप से 14 भाषाएं थी परंतु बाद में निम्न संशोधनों के द्वारा बाकी भाषाओं को भी इसमें सम्मिलित कर लिया गया जैसे 1967 के 21वें संशोधन से सिंधी को 1992 के 71वें संशोधन से कोंकणी, मणिपुरी तथा नेपाली को और 2003 के 92वे संशोधन से मैथिली,संथाली,डोगरी तथा बोडो को इस अनुसूची में शामिल कर लिया गया।

9. ‎नौवीं अनुसूची (9th schedule):- संविधान मे यह अनुसूची  प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम 1951 द्वारा जोड़ी गई है। इस अनुसूची में राज्य द्वारा संपत्ति के अधिग्रहण की विधियों का उल्लेख किया गया है। इस अनुसूची में सम्मिलित विषयों को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती हैं ऐसी व्यवस्था की गयी थी परंतु बाद में 11 जनवरी 2007 की संविधान पीठ द्वारा यह निर्णय लिया गया कि इस अनुसूची में सम्मिलित किसी भी कानून को इस आधार पर न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है कि वह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।तथा उच्चतम न्यायालय इन कानूनों की समीक्षा कर सकता है।

10. ‎ दसवीं अनुसूची (10th schedule):- यह संविधान की 52वें संशोधन 1985 द्वारा जोड़ी गई है। इसमें दल बदल से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख है।

11. ‎ग्यारहवीं अनुसूची (11th schedule):- यह अनुसूची संविधान में 73वें संविधान संशोधन से 1993 में जोड़ी गई है। इसमें पंचायती राज संस्थाओं को कार्यो का आवंटन किया गया है तथा कार्य करने के लिए 29 विषय प्रदान किए गए हैं।

12. ‎बारहवीं अनुसूची (12th schedule):- यह अनुसूची संविधान में 74वे संविधान संशोधन से 1993 मे जोड़ी गई है।इसमें शहरी क्षेत्र की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कार्यो का आवंटन किया गया है तथा कार्य करने के लिए 18 विषय प्रदान किए गए हैं।

अगर आपको इन schedules की pdf चाहिए तो हमे comment करके बताइये।

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