पोलर सिल्क रोड तथा आर्कटिक परिषद

पोलर सिल्क रोड (Polar silk road)

आर्कटिक क्षेत्र से लगता हुआ जलमार्ग, जिसके की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए परिवहन मार्ग बनने की बहुत अधिक संभावनाएं हैं,इसे ही पोलर सिल्क रोड (Polar silk road) के नाम से जाना जाता है।

आर्कटिक परिषद् (Arctic council)

आर्कटिक परिषद् (Arctic council) एक उच्च स्तरीय अंतर-सरकारी संगठन है।  इसका उद्भव 1991 में तब हुआ जब 8 आर्कटिक देशो ने आर्कटिक पर्यावरण संरक्षण रणनीति पर हस्ताक्षर किए उसके बाद 1996 में ओटावा (कनाडा)  घोषणा मे आधिकारिक रूप से यह एक उच्च स्तरीय अंतर-सरकारी संगठन बन गया।

आर्कटिक परिषद् (Arctic council) का उद्देश्य।(what is the purpose of the Arctic council?)

इस उच्च स्तरीय अंतर-सरकारी संगठन का उद्देश्य आर्कटिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों तथा आर्कटिक सरकारों के मुद्दों का समाधान करना है।साथ ही साथ आर्कटिक राज्यों के बीच सहयोग,समर्थन तथा समन्वय को बढ़ाना है।तथा आर्कटिक में टिकाऊ विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष मुद्दों को उठाना तथा उन्हें सुलझाना है।

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आर्कटिक परिषद् (Arctic council) के सदस्य देश।(what countries are in the Arctic council?)

Arctic council
Arctic council

सदस्यता :-  

कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे, रूस, स्वीडन और संयुक्त राज्य अमेरिका।

पर्यवेक्षक सदस्य :– 

जर्मनी, अंतर्राष्ट्रीय आर्कटिक विज्ञान समिति, नीदरलैंड, पोलैंड, उत्तरी मंच, यूनाइटेड किंगडम, भारत,चीन इटली, जापान दक्षिण कोरिया और सिंगापुर।

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