भारतीय संविधान में किन देशों के संविधान से क्या-क्या लिया गया है?

भारतीय संविधान के मुख्य स्रोत का वर्णन (Features taken from other countries in indian constitution)

यद्यपि भारतीय संविधान को बनाने में अनेक देशो से सहायता ली गई है। तथापि भारतीय संविधान पर सबसे अधिक प्रभाव “भारतीय शासन अधिनियम 1935” का है।भारतीय संविधान के 395 अनुच्छेदों में से आधे से ज्यादा अनुच्छेद 1935 के अधिनियम से या तो शब्दशः ले लिए गए है या उनमे थोड़ा सा परिवर्तन करके उन्हें लिया गया है।

                        उपरोक्त अधिनियम के अलावा 10 देश ऐसे भी है जिनके संविधान से भी भारतीय संविधान को बनाने में सहायता ली गई है।ये 10 देश निम्न है :-

1. संयुक्त राज्य अमेरिका

2. ‎आयरलैंड

3. ‎ब्रिटेन

4. ‎आस्ट्रेलिया

5. ‎जर्मनी

6. ‎कनाडा

7. ‎जापान

8. ‎दक्षिण अफ्रीका

9. ‎रूस

10. ‎फ्रांस

इन उपरोक्त 10 देशो से निम्न बाते भारतीय संविधान में शामिल की गयी है :-

1. संयुक्त राज्य अमेरिका :- मौलिक अधिकार,संविधान की सर्वोच्यता,न्यायपालिका की स्वतंत्रता,न्यायिक पुनरावलोकन,वित्तिय आपातकाल,निर्वाचित राष्ट्रपति एवं उस पर महाभियोग,उपराष्ट्रपति,उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों के न्यायधीशों को हटाने की विधि।

2. ‎ब्रिटेन :- एकल नागरिकता,संसदात्मक शासन प्रणाली एवं विधि-निर्माण प्रक्रिया।

3. ‎आस्ट्रेलिया :- समवर्ती सूची, प्रस्तावना की भाषा,संसदीय विशेषाधिकार,केंद्र तथा राज्यो के बीच संबंध तथा उनके बीच शक्तियों का विभाजन।

4. ‎जर्मनी :- आपातकाल के लागू रहने के दौरान राष्ट्रपति को मौलिक अधिकार सबंधी शक्तियां।

5. ‎रूस :- मौलिक कर्तव्य।

6. ‎दक्षिण अफ्रीका :- संविधान में संशोधन की प्रक्रिया।

7. ‎कनाडा :- राज्यपाल की नियुक्ति की प्रक्रिया,संघात्मक विशेषताएं,अवशिष्ट शक्तियों पर केंद्र का वर्चस्व, केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का बंटवारा।

8. ‎आयरलैंड :- नीति निर्देशक तत्व,राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया,राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में 12 ख्यातिप्राप्त व्यक्तियो का मनोनयन एवं लोकसभा में 2 आंग्ल-भारतीय समुदाय के दो प्रतिनिधियों का मनोनयन।

9. ‎जापान :- विधि के शासन की प्रक्रिया।

10. ‎फ्रांस :- गणतंत्रात्मक और प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता, बंधुता के आदर्श।

 

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जनहित याचिका(public interest litigation)

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