भगत सिंह के विचार – Famous Bhagat Singh Quotes in Hindi

शहीद भगत सिंह के अनमोल विचार

आज इस लेख में हम शहीद भगत सिंह के विचार (Bhagat Singh Quotes Hindi) को पढ़ेंगे। उनके विचार हर उम्र के लोगो मे जोश भर देते है।

और पढ़िये :

1.“क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे ।“- भगत सिंह

“The sanctity of law can be maintained only so long as it is the expression of the will of the people.“ – Bhagat Singh


2.“ज़िन्दगी तो अपने दम पर ही जी जाती है, दूसरो के कन्धों पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जाते हैं ।“– भगत सिंह

life is lived on its own other’s shoulders are used handiest at the time of the funeral.“ – Bhagat Singh


3. “प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।“– भगत सिंह

“Lovers, Lunatics and poets are made of same stuff.” – Bhagat Singh


4.“मैं इस बात पर बल देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ,पर मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, और वही सच्चा बलिदान होगा।“– भगत सिंह

” I accentuate that I’m loaded with desire and trust and of a full appeal of life. anyway, I will revoke all at the season of need, which is that the genuine forfeit.” – Bhagat Singh


5.“सूर्य विश्व में हर किसी देश पर उज्ज्वल हो कर गुजरता है परन्तु उस समय ऐसा कोई देश नहीं होगा जो भारत देश के सामान इतना स्वतंत्र, इतना खुशहाल, इतना प्यारा हो।” – भगत सिंह

“May the Sun in his course visit no land more free, more happy, more lovely, than this our own Country.” – Bhagat Singh


6.“व्यक्तियों को मारना आसान है, लेकिन आप उनके विचारों को नहीं मार सकते।” – भगत सिंह

“It is simple to kill individuals but you can not kill the idea.” – Bhagat Singh


7.“मैं एक इंसान हूँ और सभी जो मानव जाति को प्रभावित करतें है, वें मुझसें चिंतित हैं।” – भगत सिंह

“I am a person and all that impacts mankind worries me.” – Bhagat Singh


8.“ज़रूरी नहीं था की क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो। यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था।” – भगत सिंह

“Revolution did not necessarily involve sanguinary strife. It was not a cult of bomb and pistol.” – Bhagat Singh


9.“राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है मैं एक ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी आज़ाद है” – भगत सिंह

“Every tiny molecule of Ash is in motion with my heat I am such a Lunatic that I am free even in Jail”. – Bhagat Singh


10.“आम तौर पर लोग चीजें जैसी हैं उसके आदि हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं। हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की ज़रुरत है” – भगत सिंह

 “The people generally get accustomed to the established order of things and begin to tremble at the very idea of a change. It is this lethargical spirit that needs be replaced by the revolutionary spirit.” – Bhagat Singh


11.“देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।“ – भगत सिंह


12. “वें मुझें मार सकते हैं, लेकिन वे मेरे विचारों कों नहीं मार सकते, वें मेरे शरीर कों कुचल सकते हैं, लेकिन वे मेरी आत्मा को नहीं कुचल सकतें।“ – भगत सिंह

“They may additionally kill me, however, they can not kill my ideas. They can weigh down my body, but they will no longer be capable of overwhelming my spirit.” – Bhagat Singh


13. “राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है। मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद है।“ – भगत सिंह

“Every tiny molecule of Ash is in motion with my heat I am such a Lunatic that I am free even in Jail.” 
– Bhagat Singh


14. “प्रेमी और कविताएँ एक ही समाग्री से बनें हैं।“ – भगत सिंह

“Lover, Lunatics, and poets are made from the same stuff.” – Bhagat Singh


15. “प्यार हमेशा आदमी के चरित्र कों ऊपर उठाता है, यह कभी उसे कम नहीं करता है, बल कि प्रेम और प्रदान करता हैं।“ – भगत सिंह

“Love usually elevates the man or woman of guy. It by no means lowers him, furnished love be love.” – Bhagat Singh


16. “यदि बहरों को सुनाना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा।“ – भगत सिंह

“If the deaf is to hear, the sounds need to be very loud.”– Bhagat Singh


17. “जो व्यक्ति विकास के लिए खड़ा है, उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी, उसमें अविश्वास करना होगा तथा उसे चुनौती देनी होगी।“ – भगत सिंह

”Any man who stands for progress has to criticize, disbelieve and challenge every item of the old faith.”– Bhagat Singh


18.“मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा , आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ। पर मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, और वही सच्चा बलिदान है।“ – भगत सिंह

“I emphasize that I am full of ambition and hope and of full charm of life. But I can renounce all at the time of need, and that is the real sacrifice.”– Bhagat Singh


19.“महान आवश्यकता के समय, हिंसा अनिवार्य हैं।“ – भगत सिंह

“In instances of high-quality necessity, violence is imperative.”– Bhagat Singh


20. “क्रांति मानव जाती का एक अपरिहार्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का एक कभी न ख़त्म होने वाला जन्म-सिद्ध अधिकार है। श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है।” – भगत सिंह

“Revolution is an inalienable right of mankind. Freedom is an imperishable birth right of all. Labour is the real sustainer of society.”– Bhagat Singh


21. “निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम् लक्षण हैं।” – भगत सिं

“Merciless criticism and independent thinking are the two necessary traits of revolutionary thinking.”– Bhagat Singh


22. “जन संघर्ष के लिए, अहिंसा आवश्यक हैं।” – भगत सिंह

“For mass struggles, nonviolence is essential.“- Bhagat Singh


23. “आत्मा बल को शरीरिक बल के साथ जोड़ा जाना चाहिए ताकि अत्याचारी दुश्मन की दया पर बनें ना रहें।” – भगत सिंह

It is here that soul-force must be blended with bodily force in order not to remain at the mercy of the tyrannical and ruthless enemy.”– Bhagat Singh


24. “इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है , जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे ।” – भगत सिंह

Man acts only when he is sure of the justness of his action, as we threw the bomb in the Legislative Assembly.”– Bhagat Singh


25. “दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत, मेरी मिट्ठी से भी खूशबू-ए-वतन आएगी।“ – भगत सिंह


26. “मेरा धर्म सिर्फ देश की सेवा करना है।” – भगत सिंह


27. “बम और पिस्तौल क्रांति नहीं लाते हैं। क्रान्ति की तलवार विचारों के धार बढ़ाने वाले पत्थर पर रगड़ी जाती है।“ – भगत सिंह


28. “सिने पर जो ज़ख्म है, सब फूलों के गुच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।“ – भगत सिंह

29. “लिख रह हूँ मैं अंजाम जिसका कल आगाज़ आएगा… मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा।“ – भगत सिंह

30. “इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है , जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे।“ – भगत सिंह

31. “किसी को “क्रांति ” शब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए। जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरूपयोग करते हैं उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अलग अर्थ और अभिप्राय दिए जाते है।“ – भगत सिंह

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