प्रकाश तंतु(Optical Fibre) और तांबे के तार(Copper Wire) में अंतर

फाइबर-ऑप्टिक ( प्रकाश तंतु ) संचार प्रणाली ने दूरसंचार उद्योग में आमूलचूल परिवर्तन किया है और सूचना युग की नई शुरुआत में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। विद्युत संचरण पर इसके फायदे के कारण, विकसित दुनिया में कोर नेटवर्क में ताबें की तारों की जगह काफी हद तक ऑप्टिकल फाइबर ने ले ली है। भारत मे भी लगभग सब जगह अब प्रकाश तंतु का जाल बिछाया जा चुका है।आइये दोनों में अंतर से जानते हैं, की प्रकाश तंतु तांबे की तार से बेहतर क्यों हैं।

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तांबे का तार (Copper Wire)

Copper wire
Copper wire
  1. यह तांबे का बना होता है।
  2. तांबे का तार सीमित नेटवर्क देते हैं।
  3. ‎इस में व्यस्तता ज्यादा होती है।
  4. क्रॉस कनेक्शन ज्यादा होता है।
  5. ‎गुणवत्ता अच्छी नहीं थी।
  6. तांबे के तारों में उच्च उष्मा के विरुद्ध उच्च प्रतिरोधक क्षमता नहीं होती है।
  7. ‎इंटरनेट कनेक्शन में बैंडविथ अच्छे नहीं थे अथार्त कनेक्शन Narrow band होता था। उदाहरण के लिए जैसे dial up connection
  8. ‎तांबे के तारों की मदद से ई प्रोग्राम की शुरुआत भारत में नहीं हुई।
  9. ‎तांबे के तार में Repeater कम दूरी पर लगाए जाते है, जिससे इनको अधिक संख्या में लगाना पड़ता है।

प्रकाश तंतु (Optical Fibre)

Optical fibre
Optical fibre
  1. यह सिलिका तथा सिलिकॉन ऑक्साइड का बना होता हैं।
  2. इन तारों में जंग नहीं लगते हैं।
  3. ‎एक प्रकाश तंतु से हजार से अधिक कनेक्शन दे सकते हैं।
  4. ‎आसानी से कॉल कनेक्ट हो जाते हैं,क्योंकि अब व्यस्तता नहीं है।जिसके पीछे मल्टीप्लेक्सिंग कारण है।
  5. ‎गुणवत्ता अच्छी है।
  6. ‎उच्च ऊष्मा के विरुद्ध प्रतिरोधकता है। 400 डिग्री सेंटीग्रेड तक भी प्रकाश तंतु नहीं पिघलते हैं इसलिए प्रतिरक्षा में सूचना के लिए यह सुरक्षित है।
  7. ‎यहां अधिक बैंडविथ कनेक्शन होता है।जिसे ब्रॉडबैंड कहते हैं। जैसे DSL, ADSL,cable modem.
  8. ‎इससे e-प्रोग्राम की शुरुआत हुई।
  9. ‎यहां Repeater न्यूनतम 80 किलोमीटर की दूरी पर होते हैं।जिससे कम उपयोग करना पड़ता है।

अतः भारत जैसे राष्ट्र के लिए ही है प्रकाश तंतु का उपयोग बहुत अच्छा है।

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