मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद में अंतर cabinet & council of ministers

आज इस लेख में हम आपको मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद में अंतर के बारे में विस्तार से बताएंगे, परन्तु उससे पहले ये जानना जरूरी है की मंत्रिपरिषद किसे कहते है और मंत्रिमंडल किसे कहते है। तो आइये जानते है विस्तार से …

मंत्रिपरिषद का अर्थ और उसकी संरचना

सर्वप्रथम हमें यह जान लेना चाहिए कि संविधान में केवल मंत्रिपरिषद का उल्लेख है, न कि मंत्रिमंडल का। इस मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की तीन श्रेणियां होती हैं। कैबिनेट मंत्री,राज्य मंत्री व उप मंत्री। और इन सभी मंत्रियों का प्रमुख प्रधानमंत्री होता है। 51वे संवैधानिक संशोधन 2003 द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की संख्या कुल लोकसभा के निर्वाचित सदस्यों की 15% से ज्यादा नहीं हो सकती हैं। (मंत्रिपरिषद किसे कहते हैं)

कैबिनेट मंत्रियों के पास केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण मंत्रालय होते हैं, जैसे ग्रह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय इत्यादि। यह सरकार में नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इनका उत्तरदायित्व संपूर्ण केंद्र सरकार पर होता है।

राज्य मंत्रियों को कभी-कभी मंत्रालय या विभागों का स्वतंत्र प्रभार दिया जाता जा सकता है,अथवा उन्हें कैबिनेट मंत्री के साथ सहयोगी बनाया जा सकता है। यह कैबिनेट मंत्री की देखरेख,सलाह तथा उसकी जिम्मेदारी पर कार्य करते हैं। हालांकि ये कैबिनेट के सदस्य नहीं होते।न ही उनकी बैठक में भाग लेते जब तक उन्हें मंत्रालय से संबंधित किसी विशेष कार्य हेतु विशेष रूप से आमंत्रित ना किया जाए।

उपमंत्रियों को किसी भी मंत्रालय या विभाग का स्वतंत्र प्रभार नहीं दिया जाता है, उन्हें बस कैबिनेट और राज्य मंत्रियों को उनकी प्रशासनिक,राजनैतिक और संसदीय कार्य में सहायता के लिए नियुक्त किया जाता है। वह कैबिनेट के सदस्य नहीं होते है तथा न ही उनकी  बैठकों में भाग लेते।

‎मंत्रिमंडल का अर्थ और उसकी संरचना

मंत्रिमंडल में केवल प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्री आते हैं। और प्रधानमंत्री इसका नेतृत्व करता है। यह राष्ट्रपति की सलाहकार संस्था है तथा इसका परामर्श उस पर बाध्यकारी है। यह उच्चतम स्तर पर जैसे संवैधानिक अधिकारियों और वरिष्ठ सचिवालय प्रशासकों की नियुक्ति को नियंत्रित करती हैं। यह राजनीतिक,प्रशासनिक व्यवस्था में उच्चतम निर्णय लेने वाली संस्था है, तथा यह सरकार का मुख्य नीति निर्धारक अंग भी है। यह सभी बड़े विधायी और वित्तीय मामलों से निपटती है। यह विदेशी नीतियों विदेशी मामलों को देखती हैं। ( मंत्रिमंडल किसे कहते हैं)

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मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में अंतर (difference between cabinet and council of ministers in points)

  1. मंत्रिपरिषद एक बड़ा निकाय है जिस में कुल लोकसभा के निर्वाचित सदस्यों का 15% मंत्री होते हैं,जबकि मंत्रिमंडल में 15 से 20 मंत्री होते हैं।
  2. मंत्रिपरिषद में तीन श्रेणियां होती हैं जबकि मंत्रिमंडल तो खुद मंत्रिपरिषद का एक भाग है।
  3. मंत्रिपरिषद में तीनो श्रेणियां कभी भी एक साथ बैठक नहीं करती है जबकि मंत्रिमंडल समय-समय पर बैठकर करती रहती हैं।
  4. मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदाई होती है जबकि मंत्रिमंडल मंत्रिपरिषद की लोकसभा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को लागू करती है।
  5. मंत्रिपरिषद एक संवैधानिक निकाय है। जिसका वर्णन संविधान के अनुच्छेद 74 तथा 75 में किया गया है, जबकि मंत्रिमंडल को अनुच्छेद 352 में 1978 के 44 वें संविधान संशोधन संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा शामिल किया गया है।

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