नील चन्द्र या ब्लू मून, सुपर मून,ब्लड मून क्या होता है?

नील चंद्र या ब्लू मून ( Blue moon) क्या है? What is blue moon?

जब कैलेंडर के 1 महीने में दो पूर्णिमाएं हो अथार्थ पूर्ण चंद्रमा दिखाई दे तो द्वितीय पूर्णिमा के चंद्रमा को नील चंद्र या ब्लू मून कहते हैं।

नील चंद्र या ब्लू मून का कारण (Reason of Blue Moon)

ब्लू मून क्या होता है यह तो हमने जान लिया, आइए अब जानते हैं,ब्लू मून क्यों होता है?

चन्द्रमा पृथ्वी के चारों ओर एक चक्कर 27.3 दिन में लगा लेता है। जब चंद्रमा पृथ्वी के चक्कर लगा रहा होता है, तब पृथ्वी भी सूर्य के चक्कर लगा रही होती हैं, और  इस समय अंतराल में  वह  27 डिग्री  तक अपनी स्थिति से चल लेती है।अतः स्पष्ट है कि चंद्रमा का पृथ्वी के निश्चित बिंदु का चक्कर लगाने में 27.3 दिन से थोड़ा ज्यादा समय अर्थात 29.5 दिन लगते हैं,इसे ही चंद्रमास के नाम से जाना जाता है। 1 वर्ष में लगभग 365.25 दिन होते हैं। इस तरह से 1 वर्ष में लगभग 12.38चंद्रमास होते हैं।मुख्य रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले ग्रेगेरियन कैलेंडर में, एक वर्ष में 12 महीने होते है और हर महीने में एक पूर्णिमा होती है।अतः प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 12 पूर्ण चंद्रमासों के अतिरिक्त भी लगभग 11 दिन अधिक होते हैं। हर वर्ष ये 11  अतिरिक्त दिन मिलने से हर दो या तीन वर्षों में एक अतिरिक्त पूर्णिमा होती है। यह अतिरिक्त पूर्णिमा किसी महीने में द्वितीय पूर्णिमा होती है और इस द्वितीय पूर्णिमा के चंद्रमा को ही नील चंद्र या ब्लू मून कहते हैं।

नील चंद्र या ब्लू मून कितनी बार और कब होता है? (How often is a blue moon happens?)

हर दो या तीन वर्षों में एक अतिरिक्त पूर्णिमा होती है। यह अतिरिक्त पूर्णिमा किसी महीने में द्वितीय पूर्णिमा होती है।और इस द्वितीय पूर्णिमा के चंद्रमा को ही नील चंद्र या ब्लू मून कहते हैं। इस प्रकार एक ब्लू मून औसतन हर 2.7 साल में एक बार होता है।

सुपर मून किसे कहा जाता है और सुपर मून कब होता है।( what is Super Moon And What causes a super moon?

यह उस स्थिति में होता है जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के सबसे निकटतम बिंदु पर स्थित होता है जिसे उपभू (Perigee) भी कहा जाता हैं।और पृथ्वी सूर्य एवं चंद्रमा के बीच आ जाती है।इस स्थिति को सुपर मून कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के सबसे दूरस्थ बिंदु जिसे अपभू (Apogee) भी कहा जाता है, से 30% अधिक चमकीला तथा 14% अधिक बड़ा दिखाई देता है।

super moon
super moon

ब्लड मून क्या होता है।(what isBlood Moon?)

चंद्रमा ग्रहण के दौरान लाल रंग का दिखाई देता है क्योंकि पृथ्वी की छाया पूरे चंद्रमा को ढक लेती है, फिर भी सूर्य की कुछ किरणें चंद्रमा पर गिरती है। वायुमंडल के महीन कण सौर प्रकाश वर्णक्रम (स्पेक्ट्रम) के नीले घटक को प्रकीर्णित कर देते हैं। (इसे रेले प्रकीर्णन कहा जाता है।) इस प्रकार हमारे पास सिर्फ धीर दीर्घ तरंग धैर्य वाला लाल प्रकाश ही पहुंचता है, जिससे कि चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देता है,इसे ही ब्लड मून कहा जाता है।

Blood moon
Blood moon

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